Wednesday, 14 October 2015

संत श्री आशाराम बापू जेल मे क्या करते हैं



क्या करते है संत श्री आशाराम बापू जेल मे -

दैनिक भास्कर पत्रिका की रिपोर्टिंग---
*दो साल हो गये बाबा  के वैकुन्ट (कारावास) को पर नही बदली दिनचर्या
*दो वर्ष पूर्व आशाराम बापू को जोधपुर जेल मे लाया गया था तब बाबा ने कहा था "मेरे लिये जेल भि वैकुन्ट है "
*77वर्ष के आशाराम बापू का जेल मे नित्यक्रम क्या होता है ये वहा के जेल अधिकारियो ने बताया
*रोज 4बजे उठते है बाबा आशाराम ..
*4:30तक दातुन नहाना हो जाता है 
*लगभग 4:30 बजे आशाराम बापू जप,ध्यान करते नजर आते है
*5:30 बजे बाबा योगा- प्रानयांम कर लेते है
*6बजे के आसपास बाबा जेल की बराक मे घूमते है
*6:30बजे के आस पास उनके 5सेवक (जो दूसरे केस मे जोधपुर जेल मे हि आये है)
*ये पांच सेवक बाबा पर अयुर्वेदिक उपचार पध्दती करते हूवे नजर आते है | हैरानी की बात ये है कि ये बाबा के पांच सेवक खुदकी जमानत लेनेको तयार ही नही , वो कहते है के "ये हमारा सौभाग्य है जो हमे हमारे गुरू की सेवा का अवसर मिला है ये अवसर खोना नही चाहते.. नही चाहिये जमानत हमे"
*उपचार पध्दती के बाद बाबा नाश्ता करते है दूध लेते है फ़िर कोर्ट जाने को तयार होते है
*नित्य धुले हुवे वस्त्र पहनकर बाबा तयार होते है
*लाल टोपी सफ़ेद वस्त्र माथे पर चंदन का लेप
*चेहरे पर वही दो साल पहले कि मुस्कुराहट मानो कुछ हुवा हि नही और सब उनके कहेनुसार हो रहा हो
*(बाबा मे कमजोरि तो जरुर आयी है इन दो सालो मे पर चेहरे की लाली और आत्मविस्वास थोडा बी कम नही हुवा है :-दै. राजस्थान पत्रिका)

कोर्ट की कार्यवाही के बाद आशाराम बापू को फ़िर से जोधपुर जेल मे लाया जाता है | 2से4बजे तक बाबा बराक मे ही भोजन और वामकुक्ष करते नजर आते है
*4बजे बराक खोलने पर आशाराम बापू बाहर आते है घूमते है सभी कैदियो से हालचाल पूछते उनमे बीमार कैदियो को आयुर्वेद ऊपचार बताते है
*और आश्चर्य की बात ये है की सारे के सारे कैदि आशाराम बापू  को आदर सन्मान देते नजर आते है
*यहा और धर्मो के कैदी बी बाबा को आदर देते नजर आते है
*इन दो सालो मे जेल मे कैदियो की आपसी तूतु मैमै झगडे बंद हो गये है
*सभी को एकादशी के उपवास रखने की सलाह देते है यहा तक की बाबा जेल अधिकारियो को बी उपवास उपचार नुस्के बताते नजर आते है
*सब घूमकर आने के बाद बाबा के प्रवचन बी कैदी सुनते है
*जिसमे रामायण गीता महाभारत का हिन्दू धर्म गोसेवा का जिक्र होता है
*श्याम मे फ़िर बाबा निकलते बराक मे घूमने फिर सब कैदियो का हालचाल पूछते उन्हे चुटकूले सुनाते हसते हसाते नजर आते है
*और "जय रामजि की बोलना पडेगा" ये बाबा का पेटेन्ड बोल लगते है
*फिर कुछ कैदियो से वर्तलाप करते है कैदी बी आपबिती बाबा को सुनाते हो जैसे बाबा कोई जज हो सब की कहानि सुने के बाद फिर आराम करने जाते है
*सोते वक्त बी आशाराम बापू  ध्यान करते नजर आते है फिर सोते है
*फिर वही नित्यक्रम चलता है
कुछ बी नही बदला बाबा का नित्यक्रम ठन्ड़ हो या बारिश बाबा सुबह 4बजे बिना किसी अलार्म के उठते हि है
*और 77के उम्र मे भि योगा प्रानायाम करते है मानो वो अभी युवा है ..
*और रोज वही चेहरे पर हसी मानो ये सारा ब्रम्हाड बाबा का ही पसारा हो और उनकि इछा से हि चलता हो

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